मातृ सप्त शक्ति संगम में नारी सशक्तिकरण का संदेश, 110 से अधिक माताएं-बहनें हुईं जागरूक
सरस्वती शिशु मंदिर बलरामपुर में विद्या भारती का आयोजन, भारतीय संस्कृति में निहित नारी की सप्त शक्तियों पर हुआ मंथन

बलरामपुर संवाददाता रविंद्र रबी/सरस्वती शिशू मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बलरामपुर में विद्या भारती के तत्वावधान में मातृ सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृशक्ति को जागरूक कर नारी सशक्तिकरण का संदेश देना तथा भारतीय संस्कृति में वर्णित नारी के सात गुण— कीर्ति, श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति एवं क्षमा— से महिलाओं को अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम में विद्यालय की बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में 110 से अधिक महिलाओं की सहभागिता रही। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती, ॐ एवं भारत माता के त्रि-चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती राबिका एका, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं विद्यालय समिति उपाध्यक्ष ने की। मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय की पूर्व छात्रा व व्याख्याता स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय बलरामपुर की श्रीमती रजनी सोनी उपस्थित रहीं। बतौर मुख्य वक्ता श्रीमती अर्चना गुप्ता, सहायक प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय बलरामपुर ने मार्गदर्शन प्रदान किया।
अतिथियों का स्वागत तिलक-वंदन कर शाल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना विद्यालय की दीदी श्रीमती सुमन दुबे ने प्रस्तुत की। अपने उद्बोधन में मुख्य वक्ता श्रीमती अर्चना गुप्ता ने कहा कि मातृशक्ति के जागरण से ही परिवार और समाज को एक सूत्र में बांधा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अपनी शक्ति की पहचान न होने के कारण नारी अपनी सामर्थ्य को सुप्त अवस्था में छोड़ देती है, जबकि जागरूक मातृशक्ति परिवार के बिखराव को रोक सकती है।
मुख्य अतिथि सुश्री मुक्ति शांडिल्य ने नारी शक्ति को जागृत करने पर बल देते हुए कहा कि शास्त्रों में महिलाओं के भीतर सप्त शक्तियों का वर्णन किया गया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं से प्लास्टिक मुक्त भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती राबिका एका ने कहा कि वर्तमान समय में परंपराएं लुप्त होती जा रही हैं। मातृशक्ति के जागरण से ही बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जा सकते हैं, जिससे गांव, समाज और देश का भविष्य उज्ज्वल होगा।
कार्यक्रम में श्रीमती पुष्पा प्रसाद टंडन द्वारा सप्त शक्तियों का परिचय दिया गया, इसके पश्चात प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर शपथ ग्रहण समारोह भी हुआ, जिसमें श्रीमती अर्चना श्रीवास्तव ने महिलाओं को भारतीय संस्कृति के गौरव, कुल परंपरा, मितव्ययता और नागरिक कर्तव्यों के पालन की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम का संचालन कुमारी प्रिया दत्ता ने किया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य शंभूनाथ मिश्रा, प्रधानाचार्य विनय कुमार पाठक, सहित सभी आचार्य-दीदियों का सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, शिक्षकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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