
बलरामपुर@ जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम झालबासा में वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर उठी आवाज अब असर दिखाने लगी है। इस ग्रामीणों की समस्या को सबसे पहले समिक्षा न्यूज़ द्वारा प्रमुखता से उजागर किया गया था, जिसके बाद अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने भी इसे उठाया और अंततः प्रशासन हरकत में आया।
पेयजल के लिए राहत की शुरुआत
समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव में एक बोर खनन कार्य कराया है। इससे लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों को आंशिक राहत मिली है। गौरतलब है कि आदिवासी बृजिया समाज के लोग अब तक नदी-नालों के दूषित पानी पर निर्भर थे।
सड़क निर्माण कार्य में तेजी
मीडिया द्वारा जमीनी हकीकत सामने लाने के बाद प्रशासन ने गांव तक पहुंचने वाली निर्माणाधीन सड़क को भी गंभीरता से लिया है। अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आवागमन सुगम हो सके।
समग्र विकास की अभी भी दरकार
हालांकि बोर खनन एक सकारात्मक कदम है, लेकिन गांव में बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं अब भी नदारद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल आंशिक समाधान नहीं, बल्कि समग्र विकास की आवश्यकता है।
प्रशासन की सक्रियता पर सवाल
बोर खनन के बाद प्रशासन द्वारा इसका प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है, जिस पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि यदि समिक्षा न्यूज़ की टीम पहले पहल यह मुद्दा नहीं उठाती, तो शायद प्रशासन अब भी अनजान बना रहता।
ग्रामीणों को आगे की उम्मीद
झालबासा के ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि यह पहल केवल शुरुआत है और आने वाले समय में गांव को अन्य जरूरी सुविधाएं भी मिलेंगी, ताकि वे भी बेहतर और सम्मानजनक जीवन जी सकें
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