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धान खरीदी केंद्र देवरी में किसानों के साथ लूट

छ्लावे के साथ किसानों से लूट, प्रशासन मौन

बलरामपुर।तहसील कुसमी स्थित धान उपार्जन केंद्र देवरी से किसानों की गंभीर परेशानी सामने आ रही है। शासन की गाइडलाइन को ताक पर रखकर यहां किसानों से न केवल अतिरिक्त धान लिया जा रहा है, बल्कि अवैध रूप से पैसे की वसूली भी की जा रही है। जब हमारी टीम ग्राउंड जीरो पर पहुँची, तो हालात बेहद चिंताजनक नजर आए।धान उपार्जन केंद्र देवरी में किसानों के लिए बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव देखने को मिला।

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किसानों का कहना है कि उपार्जन केंद्र में ना तो बैठने की कोई व्यवस्था है, ना पीने के पानी की सुविधा, और ना ही किसी प्रकार का शेड या फसल रखने की समुचित व्यवस्था।

किसानों की समस्या 

हम लोग सुबह से आए हुए हैं, ना पानी है, ना बैठने की जगह। बोरी भी सही से नहीं मिल रही है। मजबूरी में यहीं खड़े रहते हैं।”

वजन में गड़बड़ी का आरोप

सबसे गंभीर आरोप धान के वजन में अनियमितता को लेकर सामने आया है।

किसानों के अनुसार शासन की गाइडलाइन में प्रति बोरी 40 किलो 700 ग्राम धान लिया जाना निर्धारित है, लेकिन उपार्जन केंद्र में किसानों से 41 किलो 200 ग्राम तक धान लिया जा रहा है।

सरकार 40 किलो 700 ग्राम लेने बोलती है, लेकिन यहां 41 किलो 200 ग्राम ले रहे हैं। हम मना करें तो बोरी वापस कर देते हैं।”

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अवैध वसूली का आरोप

इतना ही नहीं, किसानों ने हमाली के नाम पर प्रति बोरी 12 रुपए की अवैध वसूली का भी आरोप लगाया है।

किसानों का कहना है कि हर साल उनसे यह राशि ली जाती है, जबकि शासन के निर्देशानुसार किसानों से किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली जानी चाहिए।

हमाल से सवाल–जवाब 

जब हमारी टीम ने हमालों से पूछा कि किसानों से पैसे किसके कहने पर लिए जा रहे हैं, तो उनका कहना था—हमें शासन की तरफ से कुछ नहीं मिलता है, इसलिए हम काम करने का पैसा किसानों से ही लेते हैं।”

हमालों के इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अगर शासन की ओर से भुगतान नहीं हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?

और अगर भुगतान हो रहा है, तो फिर किसानों से अवैध वसूली क्यों?

धान उपार्जन केंद्र देवरी में फैली इन अव्यवस्थाओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और खाद्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और किसानों को कब न्याय मिलता है।जब इस मामले पर जिम्मेदार नोडल अधिकारी से बात की तो उनका कहना है कि हम इसकी जानकारी नहीं है में जाकर देखता हूं। 

 

 

 

 

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Vijay Singh

विजय सिंह, समीक्षा न्यूज़ के मुख्य लेखक हैं। एवं वर्षों से निष्पक्ष, सत्य और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित एक अनुभवी व जिम्मेदार पत्रकार के रूप में कार्यरत हूँ।

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