सम्मान आह्वान अभियान बलरामपुर में सौंपा गया ज्ञापन, गौ संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की मांग..
गौ-सेवकों की पहल राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई मांग, शांतिपूर्ण रैली के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे सेवक..

बलरामपुर@गौ सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत बलरामपुर जिले में गौ संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। बलरामपुर मुख्यालय में गौ-सेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम उतेखनीय किया गया।
ज्ञापन में गौवंश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताई गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और पर्यावरण संतुलन में गाय का विशेष महत्व रहा है, लेकिन पर्याप्त संरक्षण के अभाव में गौवंश असुरक्षित होता जा रहा है। इससे न केवल सांस्कृतिक विरासत प्रभावित हो रही है, बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
अभियान से जुड़े लोगों ने सरकार से मांग की कि गौवंश संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी नीतियां बनाई जाएं। साथ ही देशभर में गौशालाओं की स्थिति मजबूत करने, आवारा गौवंश के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करने और गौ-सेवा को संस्थागत रूप देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
गौ-सेवक हनुमान मंदिर परिसर में एकत्रित हुए, जहां से वे ‘हरे राम-हरे कृष्ण’ के जयघोष के साथ शांतिपूर्ण रैली निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। इस दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने और किसी प्रकार का विवाद न हो, इसके लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में रैली को सुरक्षित तरीके से कार्यालय तक पहुंचाया गया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नागरिकों ने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांगों को शीघ्र ही उच्च स्तर तक प्रेषित किया जाए, ताकि इस दिशा में ठोस निर्णय लिए जा सकें।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि गौ संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विरासत, कृषि प्रणाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दा है।
इस दौरान बड़ी संख्या में गौ-सेवक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में गौवंश संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता घोषित करने और इसके लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई।
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