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“जंगल, जमीन और आस्था पर खतरा! सतबहिनी धाम बचाने पुजारन की गुहार

“आस्था के आंगन में आंसू: सतबहिनी धाम की पुजारन ने सुनाई अपनी पीड़ा”

बलरामपुर जिले के अंतिम छोर जशपुर से से सटे घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसा सतबहिनी धाम जहां पहुंचते ही मन को एक अलग ही शांति का अहसास होता है। ऊंचाई से गिरती जलधारा, चारों ओर हरियाली और मंदिर में गूंजती घंटियों की ध्वनि सब कुछ मिलकर इसे एक दिव्य स्थल बनाते हैं। लोग दूर-दूर से यहां आते हैं, अपनी पीड़ा, अपनी आशाएं और अपनी आस्था लेकर पहुंचे हैं, यहां दवा नहीं, दुआ काम करती है।

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इसी धाम में एक छोटी सी कुटिया में वर्षों से रह रही हैं पुजारन सुधा नगेशिया। कम उम्र से ही उन्होंने अपना जीवन माता की सेवा में समर्पित कर दिया। सुबह की पुजा से लेकर रात की अंतिम पूजा तक, उनका हर दिन इसी धाम के नाम रहा है। श्रद्धालुओं के लिए वह सिर्फ पुजारन नहीं, बल्कि आस्था की एक जीवित प्रतीक बन गई है

शांति भरे धाम में अब एक हलचल और संघर्ष, जो आस्था और व्यवस्था के बीच खड़ा

पुजारन सुधा का आरोप है कि जिनसे संरक्षण की उम्मीद थी, वही अब सवालों के घेरे में हैं। वन विभाग के एक कर्मचारी पर उन्होंने अवैध वसूली और प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। बिना रसीद पैसे लेने, यहां तक कि बकरा मांगने जैसी बातें इस शांत धाम की पवित्रता पर सवाल खड़े कर रही हैं।

वहीं दूसरी ओर, मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिशें भी सामने आ रही हैं। वह जमीन, जहां कभी श्रद्धालुओं के कदमों की आहट गूंजती थी, अब विवादों की आवाज से भर गई है।

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पुजारन के साथ श्रद्धालुओं की बढी चिन्ता

आपको बता दे की सतबहिनी धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि विश्वास का केंद्र है। उन्हें डर है कि अगर समय रहते इस विवाद का हल नहीं निकला, तो कहीं यह आस्था का स्थान भी स्वार्थ की भेंट न चढ़ जाए

पुजारन में समाज को सौपा ज्ञापन

वही पुजारन महिला ने इन सभी स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर को ज्ञापन सौंपते हुए मामले पर अवगत कराया है वही श्री अध्यक्ष ने

कहां की इस क्षेत्र में लगातार ऐसा मामला सामने आ रहा है उन्होंने हडहा पहाड़ में कते जंगल और हो रहे विवाद को लेकर जमकर तंज कसे और उन्होंने कहा की कुल मिलाकर इस क्षेत्र में आदिवासियों को धीरे-धीरे खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि हम प्राकृतिक से जुड़े हुए हैं अगर जल जंगल जमीन ही नहीं रहा तो आदिवासी परिवार पूरी तरह से बिखर जाएगा जिसको लेकर के पूरी तरह से एक षड्यंत्र रचा जा रहा है जिससे आदिवासी समाज बिखरे वहीं उन्होंने यह भी अवगत कराया कि मैं इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत कराऊंगा और जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग करूंगा

 

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Vijay Singh

विजय सिंह, समीक्षा न्यूज़ के मुख्य लेखक हैं। एवं वर्षों से निष्पक्ष, सत्य और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित एक अनुभवी व जिम्मेदार पत्रकार के रूप में कार्यरत हूँ।

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