एक जन्म प्रमाण पत्र के लिए महीनों की ठोकरें… आखिर पंचायत सचिव के आगे क्यों बेबस दिख रहा प्रशासन?
रिश्वत मांगने का कथित ऑडियो वायरल, जांच भी हुई… फिर भी कार्रवाई शून्य। न्याय की आस में शिकायतकर्ता ने फिर खटखटाया जिला पंचायत सीईओ कार्यालय का दरवाजा।

ब्यूरो बलरामपुर , बलरामपुर जिले के पंचायत अंतर्गत ग्राम भेलवाड़ी के पंचायत सचिव पर कथित आरोप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने की बात कही जा रही है। वायरल वीडियो में कथित रूप से पंचायत सचिव का जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन करने के लिए डॉक्टरों की मांग करने का दावा किया जा रहा है। ऑडियन्स में यह भी कथित तौर पर कहा गया है कि जिले में स्थित दो सौ रुपये की दुकानें हैं, न कि फिर चक्कर में घूमना।
ऑड वायरल होने का मामला और शिकायत की शिकायत, पहुंच के बाद जिला स्तर के अधिकारियों ने पुष्टि की, जांच टीम को गांव भेजा गया। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण लोगों की पुष्टि भी हुई, लेकिन इसके बावजूद आज तक संबंधित पंचायत सचिव पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
बाकियों का आरोप है कि आज भी उन्हें छोटे-छोटे राक्षसों के लिए अजनबी के चक्कर काट रहे हैं और पंचायत में भय व असमंजस का माहौल बना दिया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि ऐसा कौन-सा ब्रह्मास्त्र पंचायत सचिव के पास है, जिसके जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं।
मामले से नाराज़गी एक बार फिर जिला सीईओ कार्यालय पहुंची और जागरूकता की मांग की। मेन्स ने बताया कि उनकी बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र पिछले महीने से ऑनलाइन नहीं मिला है, जिससे बच्ची के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं और परिवार को लगातार रिश्ते का सामना करना पड़ रहा है।
अब लोगों के सहयोगियों ने इस बात पर टिकी है कि इस मामले में क्या जिम्मेदार ठहराया गया है, सख्त कदम उठाए जाएंगे या फिर एक अधूरे बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए एस्सोलेशन को यूं ही अरेस्टों की जगह खानी पड़ेंगी।
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