कीचड़ में तब्दील हुई सड़क, ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई कर जताया विरोध
13 सौ ट्रैक्टर मुरूम ढुलाई का फर्जी बिल बनाने का आरोप, जांच के नाम पर टालमटोल की भी उठी आवाज..

बलरामपुर। मानसून की शुरुआत होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें बदहाल होने लगी हैं। कई गांवों में बारिश के कारण कच्चे रास्ते कीचड़ में तब्दील हो गए हैं, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। ऐसी ही एक तस्वीर बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चंद्रनगर से सामने आई है, जहां गांव की सड़कें पूरी तरह कीचड़ से पट गई है। हालात ऐसे हैं कि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और दैनिक मजदूरी करने वाले ग्रामीणों का गांव की इस रास्ते से निकलना तक दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले पंचायत द्वारा सड़क पर मुरूम डालने का कार्य कराया गया था, लेकिन यह कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया। उनका आरोप है कि सड़क पर नाम मात्र की मिट्टी और मुरूम डाली गई, जो पहली ही बारिश में समाप्त हो गई। परिणामस्वरूप जो रास्ता पहले किसी तरह चलने योग्य था, वह अब और भी खराब हो गया है। जगह-जगह गहरे कीचड़ और पानी भर जाने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने पंचायत के सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क पर बेहद कम मात्रा में मुरूम डलवाकर लगभग 1300 ट्रैक्टर मुरूम ढुलाई का फर्जी बिल तैयार किया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविकता सामने आ जाएगी। सड़क की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कीचड़ से भरी सड़क पर धान की रोपाई कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क खेत जैसी बन गई है तो उसमें धान की रोपाई ही की जा सकती है। उनका कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण और मरम्मत के नाम पर राशि खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए और यदि निर्माण कार्य में अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के पूरे मौसम में यही रास्ता गांव का मुख्य संपर्क मार्ग है और इसी से होकर स्कूली बच्चे, मरीज, गर्भवती महिलाएं तथा अन्य ग्रामीण रोजाना आवागमन करते हैं।
इस मामले में जब रामचंद्रपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि ग्राम चंद्रनगर से सड़क और मुरूम कार्य को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एक टीम गठित कर गांव भेजी गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत किए जाने के बाद भी अब तक केवल जांच का हवाला देकर मामले को टालने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो बिरोध पर्दशन करने की बात कह रहे है ग्रामीणों की मांग है कि जांच केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर वास्तविक माप, उपयोग की गई सामग्री और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की जाए, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी सच्चाई सामने आ सके।
अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। देखना होगा कि जांच के बाद वास्तव में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी केवल जांच के नाम पर लंबित रह जाता है।
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