
बलरामपुर/कुसमी।कुसमी विकासखंड की ग्राम पंचायत शाहपुर अंतर्गत तेतरपोखरा में मनरेगा के तहत संचालित तालाब गहरीकरण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कार्य में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार तालाब गहरीकरण कार्य के लिए लगाए गए सूचना बोर्ड में लगभग 9 लाख रुपये की लागत प्रदर्शित की गई है, जबकि मौके पर वास्तविक कार्य का आकलन करने पर मुश्किल से एक से डेढ़ लाख रुपये का काम ही दिखाई देता है। लोगों का आरोप है कि कार्य अधूरा छोड़ दिया गया और शेष राशि का बंदरबांट कर लिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब गहरीकरण के नाम पर केवल औपचारिक खुदाई की गई है। यदि कार्य की लंबाई, चौड़ाई और गहराई की तकनीकी माप कराई जाए तो अधिकांश हिस्सों में खुदाई मात्र तीन से चार इंच तक ही दिखाई देती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने सीमित कार्य को पूर्ण दर्शाकर सरकारी धन की निकासी की गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही मस्टर रोल, मजदूरी भुगतान, माप पुस्तिका (एमबी) एवं व्यय विवरण की भी जांच हो ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई गई तो मनरेगा कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है, लेकिन यदि कार्यों में इस प्रकार की अनियमितताएं होती रहीं तो योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित होगा। अब ग्रामीण प्रशासन से कार्रवाई और जांच की मांग कर रहे हैं।
Live Cricket Info





