
बलरामपुर।रिपोर्टर रविंद्र कुमार..जनपद पंचायत बलरामपुर द्वारा “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में जनपद क्षेत्र के सभी सरपंच, पंचगण, ग्राम रोजगार सहायक, एनआरएलएम के क्लस्टर कोऑर्डिनेटर, सीआरपी, महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य तथा तकनीकी सहायकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न उपायों, वर्षा जल संचयन की तकनीकों और गांव स्तर पर उनके क्रियान्वयन की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज टैंक निर्माण प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए बताया कि यह संरचना वर्षा जल को संरक्षित कर भू-जल स्तर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मॉडल के माध्यम से जल संग्रहण क्षमता, गहराई एवं चौड़ाई के मानकों की भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा रेनवाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज ट्रेंच, कंटूर बंडिंग, गली प्लग, बोल्डर चेक जैसी संरचनाओं के निर्माण एवं उपयोगिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन उपायों से वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संरक्षण कर भू-जल स्तर में वृद्धि की जा सकती है, जिससे कुओं एवं बोरवेल में जल उपलब्धता बढ़ेगी और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
कार्यक्रम में जल संरक्षण को भविष्य के जल संकट से निपटने का प्रभावी माध्यम बताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।
मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत बलरामपुर में आयोजित कार्यशाला में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के विभिन्न मॉडल की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इन उपायों के माध्यम से भू-जल स्तर बढ़ाने और भविष्य के जल संकट से बचाव में मदद मिलेगी।”
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