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अस्पताल प्रबंधन पर लगाए जा रहे आरोपों पर उठे सवाल. दो परिजन बाद मौत कैसे…?

जिला अस्पताल मौत मामले में नया मोड़, CCTV और जांच में आत्महत्या की पुष्टि का दावा

Balrampur@जिला अस्पताल में महिला की मौत का मामला अब लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। एक ओर जहां मृतिका के परिजन अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। 

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  CCTV फुटेज में खुद टेरेस पर जाती दिखी      महिला

जानकारी के मुताबिक 30 अप्रैल की देर रात जिला अस्पताल में भर्ती महिला अकेले अस्पताल की टेरेस पर पहुंची थी। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि घटना की रात का सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जिसमें महिला खुद रेलिंग पार करते दिखाई दे रही है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार महिला के साथ उस रात की समय कोई दो ब्यक्ति मौजूद था और यह पूरी घटना आत्महत्या से जुड़ी प्रतीत होती है।

   जांच में लापरवाही नहीं मिलने का दावा

अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन का कहना है कि मामले की पुलिस जांच के साथ-साथ विभागीय जांच भी कराई गई, जिसमें अस्पताल स्टाफ की किसी प्रकार की लापरवाही सामने नहीं आई।

महिला के साथ दो परिजन होन के बाद लापरवाही किसकी?

जानकारी के अनुसार अस्पताल मे महिला के साथ अपनी एक बेटी भी मौजूद रही और मृतिका महीला का पति भी देखरेख के लिए साथ मे रहने के बाद भी अकेले के देर रात को छत के उपर पहुचती है छत के उपर से गिरती है जबकी 3 से चार फिट कि उची रेलिंग भी सुरक्षा के लिए बना हुआ है तो आखिर उतनी उचित दिवाल से कैसे अपने आप गिर और घायल हो गयी?

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प्रबंधन का कहना है कि घटना के तुरंत बाद महिला को गंभीर हालत में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हुई।

मुआवजे की मांग को लेकर पैदल मार्च

हीं मृतिका के परिजन अब 15 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर अस्थि कलश के साथ बलरामपुर से रायपुर तक पैदल मार्च पर निकल पड़े हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि टेरेस का गेट बंद रहता तो घटना नहीं होती।हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आत्महत्या के मामले को अब कुछ लोग अलग दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं और बिना तथ्यों के अस्पताल पर आरोप लगाए जा रहे हैं।

          प्रशासनिक फैसले पर टिकी नजर__

फिलहाल मामला संवेदनशील बना हुआ है। एक ओर परिजन न्याय और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन खुद को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों को खारिज कर रहा है। अब आगे शासन-प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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Vijay Singh

विजय सिंह, समीक्षा न्यूज़ के मुख्य लेखक हैं। एवं वर्षों से निष्पक्ष, सत्य और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित एक अनुभवी व जिम्मेदार पत्रकार के रूप में कार्यरत हूँ।

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