आदिवासी समाज की हुंकार:अवैध बॉक्साइट खनन के खिलाफ फूटा गुस्सा, उग्र आंदोलन की चेतावनी
कुसमी में सर्व आदिवासी समाज की बैठक में प्रशासन पर उठे सवाल, ग्रामसभा की अनुमति बिना खनन पर जताया कड़ा विरोध

बलरामपुर जिले के कुसमी में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज की अहम बैठक सोमवार को जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जहां माहौल पूरी तरह आक्रोश से भरा नजर आया। बैठक में क्षेत्र में जारी कथित अवैध बॉक्साइट खनन और सर्वे कार्य को लेकर तीखी बहस हुई और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की गई।
बैठक के दौरान सेरेनदाग और चंदाडांडी क्षेत्रों में बिना ग्राम सभा की सहमति के हो रहे खनन और सर्वे कार्य को लेकर समाज के लोगों ने इसे आदिवासी अस्तित्व पर हमला बताया अध्यक्ष बसंत कुजूर ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बिना पंचायत के अनुमति इस तरह का उत्खनन न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि यह आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन को खत्म करने की एक सुनियोजित साजिश है।
उन्होंने साफ कहा कि, हमें उम्मीद नहीं थी कि हमारे ही लोगों के साथ इस तरह का छल किया जाएगा। प्रशासन की चुप्पी कई बड़े सवाल खड़े कर रही है।
बैठक में मौजूद समाज के अन्य सदस्यों ने भी एक स्वर में कहा कि लगातार हो रहे मनमाने खनन से पर्यावरण और स्थानीय जीवन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही अब खुलकर सामने आ चुकी है।
आदिवासी समाज ने प्रशासन को दो-तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि अवैध खनन और सर्वे कार्य पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो पूरा समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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